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वो ब्लॉकबस्टर फिल्में, विवादों के कारण जिनका नाम बदलना पड़ा

फ़िल्म और मीडिया जगत हमेशा ही विवादों से घिरे रहने वाले क्षेत्र हैं। बीते कुछ वर्षों में जिस तरह से इस क्षेत्र में विवाद देखे गए हैं उनसे भी यह प्रतीत होता है कि बॉलीवुड और विवाद एक दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। हाल के दिनों में बिना विवाद के किसी फिल्म का रिलीज हो जाना बड़ा कम देखा जा रहा है। हाल के दिनों में बिना विवाद फिल्में रिलीज हो जाना बहुत कम देखा जा रहा है।

दरअसल, भारत में रहने वाली एक बड़ी आबादी अपने धर्म के प्रति अडिग रही है। जबकि, कुछ बॉलीवुड में कभी धर्म तो कभी परम्पराओं या कभी ऐसे ही मिलते -जुलते विषयों पर फिल्म्स का निर्माण किया जाता रहा है। जिससे इन मूवीज के नाम व कंटेंट को लेकर विवादों की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

आज हम बॉलीवुड की उन पांच मूवीज़ पर चर्चा करेंगे जिनके नामों के कारण विवाद हुआ और फ़िल्म निर्माताओं को विरोध और गुस्से का सामना करना बड़ा।

लक्ष्मी : साउथ इंडियन मूवी कंचना के हिंदी रीमेक लक्ष्मी में थर्ड जेंडर के बेहद संवेदनशील मुद्दे को दर्शाया गया है। ज्यादातर ट्रांसजेंडर वर्ग के लोगों को जिस अन्याय से गुजरना पड़ता है, उसे दिखाने वाली फिल्म का नाम पहले लक्ष्मी बम रखा गया था। इस मूवी के रिलीज होने से ठीक पहले ही इसका विरोध शुरू हो गया। क्योंकि, कुछ धार्मिक समूहों के अनुसार फ़िल्म के इस नाम ने हिंदुओं की भावनाओं को आहत किया था। चूंकि, शीर्षक में एक विस्फोटक के साथ हिंदू धर्म की पूज्य देवी लक्ष्मी का नाम दर्शाया गया था। हालांकि, भारी विरोध के बाद इस फ़िल्म के नाम में परिवर्तन करते हुए लक्ष्मी बम से बदलकर सिर्फ लक्ष्मी रख दिया गया।

पद्मावत: यह पहली बार नहीं था, जब संजय लीला भंसाली, दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की कोई फ़िल्म विवादों के घेरे में रही हो। लेकिन, पद्मावत के रिलीज होने से पहले जिस प्रकार आंदोलन और विरोध किया गया वह फ़िल्म निर्माताओं और एक्टर्स के लिए एक बुरा अनुभव था। रानी पद्मावती से जुड़ी हुई इस ऐतिहासिक प्रेम कहानी का करणी सेना ने बहुत कड़ा विरोध किया था। करनी सेना के कार्यकर्ता इस बात से अत्यधिक आक्रामक हो गए थे, कि कहानी के अतार्किक और गलत चित्रण को फ़िल्म में प्रदर्शित किया जा रहा है।

गोलियों की रासलीला राम-लीला: संजय लीला भंसाली, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की तिकड़ी की यह एक और फ़िल्म थी जो विवादों में घिरी रही। विवादों से घिरी इस फ़िल्म का नाम भी बदलना पड़ा था। क्योंकि इसने बहुत से लोगों को विशेष रूप से हिन्दू धर्म को अपमानित करने का काम किया था। इस फ़िल्म के नाम में शीर्षक में हिन्दू धर्म के प्रमुख देवता प्रभु श्रीराम का नाम था जिसके बाद इसका नाम बदलने की मांग की गई थी। इस विरोध के बाद लंबा उपसर्ग जोड़ते हुए फ़िल्म को रिलीज किया गया था। उल्लेखनीय है कि संजय लीला भंसाली की फिल्में हमेशा ही विवादों में रहीं हैं।

बिलु: कम रेटिंग वाली यह फिल्म एक हेयर स्टाइलिस्ट के जीवन की कहानी को दर्शाती है। एक हेयर स्टाइलिस्ट पर बनी इस फ़िल्म से भला किसको परेशानी होनी चाहिए थी। लेकिन, यह फ़िल्म भी विवादों से घिरी रही। शाहरुख खान, लारा दत्ता और इरफान खान स्टारर इस फ़िल्म को अपने पहले के शीर्षक के कारण काफी विरोध का सामना करना पड़ा था। फिल्म को पहले बिल्लू बार्बर नाम दिया गया था, और इसे बिल्लू हेयरड्रेसर में बदलने के लिए कहा गया था, क्योंकि बार्बर शब्द सभी हेयर स्टाइलिस्ट के लिए अपमानजनक प्रतीत हो रहा था।

आर…राजकुमार: इस फिल्म का निर्देशन फ़िल्म इंडस्ट्री के लेजेंड प्रभु देवा ने किया था। आर… राजकुमार का नाम पहले रेम्बो राजकुमार रखा गया था। यह नाम इस फ़िल्म की स्टोरी पर एक दम फिट बैठ रहा था। लेकिन, रिलीज होने से पहले नाम बदल दिया गया। इस बार यह कॉपीराइट का मुद्दा था। क्योंकि हॉलीवुड में रेम्बो नामक एक वेब सीरीज पहले ही प्रसारित की जा चुकी थी। इस प्रकार, बड़े विवादों से बचने के लिए इसका नाम बदल दिया गया। इस तरह से यह फ़िल्म भी विवादों में रही। लेकिन, बड़े विवाद से पहले ही नाम बदल दिया गया। हालांकि, आर… राजकुमार जैसी फिल्में बड़े पर्दे पर रिलीज की जा सकतीं थीं लेकिन इसके निर्माताओं ने विवादों से बचने के लिए नाम बदलने का फैसला किया था।न