ट्रेन में मैंने यौ*न शो*षण झेला, मेरे पास हमेशा से कार नहीं थी: रवीना टंडन

रवीना टंडन आरे मेट्रो 3 कारशेड प्रोजेक्ट के खिलाफ मुखर हैं. उनका कहना है कि इस प्रोजेक्ट से आरे के जंगल को नुकसान नहीं होना चाहिए. इसे लेकर लोग उन पर आरोप लगा रहे हैं कि वो मिडिल क्लास के लोगों की दिक्कतें नहीं समझती हैं, नहीं जानती हैं कि एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए उन्हें कितना स्ट्रगल करना पड़ता है. ट्रो,ल्स उन पर एलिटिस्ट होने के आरोप लगा रहे हैं.

एक शख्स ने रवीना से ट्विटर पर सवाल किया कि क्या वो मुंबई के मिडिल क्लास की दिक्कतों के बारे में कुछ जानती भी हैं? जवाब में रवीना ने लिखा,

“टीनेज में मैंने लोकल ट्रेन और बसों में सफर किया है. यौ”न शो”षण का शि”कार हुई और मेरे साथ भी वही हुआ जो ज्यादातर महिलाओं के साथ होता है. मैंने साल 1992 में पहली कार खरीदी थी. विकास का स्वागत है. लेकिन हमें जिम्मेदार भी होना पड़ेगा. ये केवल एक प्रोजेक्ट की बात नहीं है, पर जहां भी हम कुछ बना रहे हैं जंगल का,ट रहे हैं. हमें पर्यावरण और वाइल्डलाइफ के संरक्षण पर भी ध्यान देना होगा.”

दूसरे यूजर ने उनसे पूछ लिया कि उन्होंने आखिरी बार ट्रेन में कब सफर किया था, जो वो मेट्रो के खिलाफ हैं. इस बात पर रवीना ने अपने साथ हुए यौ”न शो”षण का खुलासा किया. उन्होंने बताया,

1991 तक मैंने इस तरह यात्रा की. मैं शा,री,रिक शो”षण का शि”कार हुई. काम शुरू करने, सफलता देखने के बाद मैंने अपनी पहली कार खरीदी. ट्रो,ल जी, आप नागपुर से हैं, आपका शहर हरा-भरा है. किस्मत वाले हो. किसी की कमाई और सफलता को देखकर नफरत मत पालो.”

रवीना टंडन बीते दिनों वेब सीरीज ‘अरण्यक’ और फिल्म ‘K.G.F चैप्टर 2’ में नज़र आई थीं.

[डि‍सक्‍लेमर: यह न्‍यूज सोशल मीडिया वेबसाइट से म‍िली जानकारियों के आधार पर बनाई गई है. Filaska.com अपनी तरफ से इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है.]