Samshera movie review: रणबीर कपूर, शमशेरा बनकर पर्दे पर की धमाकेदार वापसी लेकिन… …

रणबीर कपूर चार साल के लंबे ब्रेक के बाद सिल्वर स्क्रीन पर वापसी कर रहे हैं। ‘शमशेरा’ भारत में 4350 और दुनियाभर में 5500 स्क्रीन्स पर रिलीज हो चुकी है। 150 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म दिसंबर 2019 में रिलीज होने वाली थी, लेकिन ख़राब समय के चलते ढाई साल देरी से रिलीज हुई है। अब इस शुक्रवार को फिल्म बॉक्स ऑफिस पर आ गई है। इस फिल्म के साथ रणबीर ने धमाकेदार वापसी की है

 

 

एक्टर: रणबीर कपूर, संजय दत्त, वाणी कपूर, सौरभ शुक्ला, इरावर्ती हर्षे, रोनित रॉय
निर्देशक: करण मल्होत्रा
Genre: एक्शन, पीरियड ड्रामा
भाषा: हिंदी
समय: 2 घंटे 38 मिनट
रेटिंग: 2.5/5

फिल्म की स्टोरी – ‘शमशेरा’ की कहानी 18वीं सदी के ब्रिटिश काल के काल्पनिक शहर काजा पर आधारित है। राजपूत काल में मुगलों से दुश्मनी रखने वाली खमेरान जनजाति के लोग जब शरण लेने काजा आए तो ऊंची जातियों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। इसी बीच उसका सरदार शमशेरा (रणबीर कपूर) अपने साथियों के साथ रोजी-रोटी के लिए काजा में लूटपाट करने लगा। काजा के लोगों ने खमेरान जाति के खिलाफ ब्रिटिश दरबार से मदद मांगी। उस समय सरकार ने पुलिसकर्मी शुद्ध सिंह (संजय दत्त) को भेजा। वह काजा के किले में शमशेरा और उसके साथियों को गुलामी में फंसाता है।

शमशेरा अपने साथियों को मुक्त करने के प्रयास में अपनी जान दे देता है। जिसके बाद उनकी कहानी 25 साल बाद शुरू होती है, जब उनका बेटा बल्ली (रणबीर कपूर), जो बिल्कुल अदल शमशेरा जैसा दिखता है, अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए मैदान में उतरता है। उसकी मुलाकात शुद्धा सिंह से भी होती है। क्या बल्ली खमेरान जाति के लिए अपने पिता के स्वतंत्रता के सपने को पूरा कर पाएगा? यह जानने के लिए आपको थिएटर जाना होगा।

शमशेर मूवी रिव्यु – फिल्म के निर्देशक करण मल्होत्रा ​​ने भव्य सेट, बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी, बेहतरीन बैकग्राउंड स्कोर और संजय दत्त और रणबीर कपूर जैसे दमदार अभिनेताओं की मदद से फिल्म को भव्य बनाने की कोशिश की है। लेकिन दुर्भाग्य से खराब पटकथा और संवादों के कारण फिल्म को नुकसान हुआ है। हालांकि प्री-इंटरवल से लेकर क्लाइमेक्स तक के कुछ सीन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। लेकिन फिल्म की स्टोरी बहुत ज्यादा खिंची जाने के कारण दर्शकों को बांधे रखने में असफल रहती है। एक या दो गानो को छोड़कर बाकी गानों को जबरदस्ती दिखाया गया है।

तीन-चौथाई घंटे लंबी फिल्म को एडिटिंग टेबल पर कम से कम आधे घंटे की कटौती की जा सकती थी। ‘शमशेरा’ को ‘ठग्स ऑफ हिंदुस्तान’ और ‘केजीएफ’ का कॉकटेल कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। इस फिल्म में रणबीर कपूर ने शानदार अभिनय किया है, वहीं संजय दत्त भी शुद्ध सिंह की भूमिका में हैं। वाणी कपूर के पास डांस और रोमांस के अलावा फिल्म में करने के लिए कुछ खास नहीं है। सौरभ शुक्ला और रोनित रॉय भी अपने किरदारों के साथ न्याय करते हैं।

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